Facts About Goal Setting Revealed


जो भी रुख लिया होता, बल्कि इस बार भी उन्होंने मुझसे कहा होता कि देख दीपे, हम हो गये हैं अब बुड्ढे और हमें चाहिये घर के

... चौधरी हरीश चन्द्र ने वकील रहते हुये जाटों के साथ राज्य के अधिकारियों के सलूक को समझा। उनको समुचित सम्मान नहीं दिया जा रहा और उनकी अशिक्षा का लाभ उठाया जाता है।

पहुंच गयी है। जैसे मै कहीं ठहरा हुआ था या किसी और ही रफ्तार से चल रहा था। खैर, पता नहीं आज अचानक आपके सामने मैं

किताब की तरह हो जाते हो, अपनी इस छोटी-सी ज़िंदगी में कितने कितने तूफान झेल चुके हो। खाना खा कर लौटते हुए बारह बज गये हैं। मुझे लग रहा है कि मैं एक परिचित के साथ खाना खाने गया था और बड़े भाई के साथ

खुशी है। पहले तो बेबे इन पैसों को हाथ ही लगाने के लिए तैयार न हो लेकिन जब मैंने बहुत ज़ोर दिया कि तू ये सब मेरे get more info लिए ही

तक पीनी शुरू नहीं की है तो उससे अच्छी कोई बात ही नहीं है। - आपको क्या लगता है?

रहा। वैसे न पीने के कई कारण रहे। आर्थिक भी रहे। फिर उस किस्म की कम्पनी भी नहीं रही। यह भी रहा कि कभी इन चीज़ों के

...के मगलू हुआ, मगलू के लेखु, और दल्लू दो बेटे हुये। दल्लु लाबल्द रहा। लेखु के संतान मौजूद हैं।

गी। - पागल हो गया हैं वे पुत्तर, वड्डा भरा बैठा होवे ते छोटेयां दे बारे विच सोचेया वी नीं जा सकदा पुत्तर। तू कुड़ी तां वेख लै। अस्सी

पक्का इंतजाम कर लै, तो कोई जा के दारजी को चोक दे रहा है - ओये हरनामेया... इक कम्म तां तू ऐ कर कि इन्नू अज ही

उन्हें वहां से न तो उतारना संभव है और न उचित ही। पता तो चले, कौन हैं ये बुजुर्ग और कौन है इसकी लड़की । .... कमाल है

बन्ने खां – जिन दिनों चौधरी साहब राजगढ़ में थे उन्हीं दिनों बन्ने खां कस्टम अधीक्षक थे। दोनों सम स्वभाव के थे इसलिए मित्रता कायम हुई।

होंगे। और कुछ हो भी नहीं सकता था। आप बाज़ार से शाम तक भी वापिस नहीं आये तो चारों तरफ आपकी खोज-बीन शुरू हुई।

! ऐसे कमज़ोर भाई को अपना आदर्श बना रही है जो किसी भी मुश्किल स्थिति का सामना नहीं कर सकता और

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